| Management number | 231463403 | Release Date | 2026/06/18 | List Price | US$17.18 | Model Number | 231463403 | ||
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| Category | |||||||||
“अगला स्टेशन: जिंदगी जहाँ हार से उम्मीद की शुरुआत हुई” केवल एक पुस्तक नहीं, बल्कि जीवन के उन पड़ावों की यात्रा है जहाँ हार ने हिम्मत बनना सिखाया, अकेलेपन ने आत्मसंवाद सिखाया, यात्राओं ने दृष्टि दी, किताबों ने सोच बदली, भक्ति ने मन को शांति दी और लेखन ने भीतर के दर्द को शब्दों का रूप दिया। इस पुस्तक की नायिका वंदना है एक ऐसी लड़की जिसने जीवन को बहुत करीब से महसूस किया। जिसने पढ़ाई में रुकावट देखी, फिर भी दोबारा उठकर आगे बढ़ना सीखा। जिसने संघर्षों को देखा, लेकिन उन्हें अपनी पहचान नहीं बनने दिया। जिसने यात्राओं में खुद को खोजा, मंदिरों में शांति पाई, किताबों में दिशा पाई और शब्दों में अपनी आवाज़ खोज ली।वंदना की कहानी किसी बड़ी उपलब्धि की चमकती कहानी नहीं, बल्कि छोटे-छोटे अनुभवों से बनी उस रोशनी की कहानी है जो धीरे-धीरे जीवन को अर्थ देती है। यह कहानी बताती है कि सफलता केवल मंज़िल तक पहुँचने में नहीं, बल्कि सफर के दौरान खुद को समझने, निखारने और भीतर से विकसित करने में भी होती है।इस पुस्तक का हर अध्याय जीवन का एक अलग रंग समेटे हुए है कहीं संघर्ष है, कहीं श्रद्धा है, कहीं यात्रा है, कहीं आत्मचिंतन है,कहीं माँ का प्रेम है, कहीं किताबों की खुशबू है, और कहीं एक लड़की की उड़ान है, जो अभी बाकी है।यह पुस्तक पाठकों को केवल पढ़ने के लिए नहीं, बल्कि महसूस करने, सोचने और अपने जीवन से जोड़ने के लिए आमंत्रित करती है। यदि इन पन्नों में आपको अपने जीवन की झलक मिले, अपने संघर्षों की गूंज सुनाई दे, या अपने सपनों की आहट महसूस हो तो यही इस पुस्तक की सबसे बड़ी सफलता होगी। Read more
| ASIN | B0GZSS54ZQ |
|---|---|
| Edition | 2026th |
| Language | Hindi |
| File size | 2.3 MB |
| Page Flip | Enabled |
| Word Wise | Not Enabled |
| Print length | 277 pages |
| Accessibility | Learn more |
| Screen Reader | Supported |
| Publication date | May 7, 2026 |
| Enhanced typesetting | Enabled |
If you notice any omissions or errors in the product information on this page, please use the correction request form below.
Correction Request Form